जीवन में हमें कई तरह की कठिनाइयों और अभावों का सामना करना पड़ता है, लेकिन हमें उन्हें पार करने के लिए अपनी शक्तियों का उपयोग करना चाहिए। संसार में कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है, जिसे सब सुख हों और किसी बात का अभाव न हो।
विवेकशील व्यक्ति जीवन में उपलब्ध सुख-सुविधाओं का अधिक चिंतन करते हैं, और उन उपलब्धियों पर संतोष प्रकट करते हुए प्रसन्न रहते हैं। थोड़े-से अभाव एवं कष्ट उन्हें वैसे ही कौतूहलवर्धक लगते हैं, जैसे माता अपने सुंदर बालक के माथे पर काजल की बिंदी लगाकर "डिठोना" बना देती है कि कहीं इसे 'नजर' न लग जाय।
इसके विपरीत अनेकों लोग उपलब्ध अनेकों सुख-साधनों को तुच्छ मानते हैं और जो थोड़े-से कष्ट एवं अभाव हैं, उन्हें ही पर्वत तुल्य मानकर अपने आपको भारी विपत्तिग्रस्त अनुभव करते हैं। ऐसे लोग निरंतर असंतुष्ट रहते हैं, अपने सभी संबंधित लोगों पर दोषारोपण करते हैं।
जीवन को शांतिपूर्ण रीति से व्यतीत करने का तरीका यह है, कि हम अपनी कठिनाइयों का मूल्य बढ़ा-चढ़ाकर न आँकें, वरन उतना ही समझें, जितना कि वे वास्तव में हैं। तो हमारी अनेकों दुश्चिंताएँ आसानी से नष्ट हो सकती हैं।
जीवन में कठिनाइयों का सामना करने के लिए हमें अपनी शक्तियों का उपयोग करना चाहिए। हमें अपनी कठिनाइयों का मूल्य बढ़ा-चढ़ाकर नहीं आँकना चाहिए, बल्कि हमें उन्हें पार करने के लिए अपनी शक्तियों का उपयोग करना चाहिए।
जीवन को शांतिपूर्ण रीति से व्यतीत करने के लिए हमें निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
१. हमें अपनी कठिनाइयों का मूल्य बढ़ा-चढ़ाकर नहीं आँकना चाहिए।
२. हमें अपनी शक्तियों का उपयोग करके कठिनाइयों का सामना करना चाहिए।
३. हमें अपने सभी संबंधित लोगों पर दोषारोपण नहीं करना चाहिए।
४. हमें अपनी कठिनाइयों को पार करने के लिए अपनी शक्तियों का उपयोग करना चाहिए।
इन बातों का ध्यान रखकर हम अपने जीवन को शांतिपूर्ण रीति से व्यतीत कर सकते हैं। हमें अपनी कठिनाइयों का सामना करने के लिए अपनी शक्तियों का उपयोग करना चाहिए और हमें अपने जीवन को शांतिपूर्ण रीति से व्यतीत करने के लिए निरंतर प्रयत्न करना चाहिए।
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