Friday, March 31, 2023

सुझावों की हैं दुनियां समाधान की नहीं

 सुझाव की हैं दुनियां समाधान की नहीं सदैव याद रखें हमारी किसी भी प्रकार की समस्या है तो उसका समाधान दुनियां के पास नहीं है, आप किसी को समस्या बताओं आपको कई सुझाव मिल जाएंगे लेकिन समाधान हेतु कोई नहीं आएगा समाधान तो हमें स्वयं को ही निकालना है तो फिर समस्या बताने से अच्छा है खुद समाधान में लग जाएं सुझावों की दुनियां में न उलझे, संभव है इससे हम भ्रमित हो जाएं क्योंकि समस्या एक होती हैं और समाधान के लिए सुझावों का ढेर लग जाता है जो कि हमे स्वयं को अधिक पता होता है कि समाधान क्या है सुझाव हल नहीं है, सिर्फ इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जीवन में एक समस्या को दोबारा जन्म न लेने दे जिससे ऐसे डॉक्टरों की जरूरत ही न पड़े जो बिना हाथ पैर की सैकड़ों सलाह देने वाले हमारे आस पास ही मिल जाते हैं जो कोई हमारा मित्र रिश्तेदार होता है या सीनियर जूनियर लेकिन वास्तविक सच्चाई यह है कि बहुत कम लोग होते हैं जो हमारी समस्याओं में सरीक होकर समाधान हेतु प्रयास करते हैं

हमारी जीवनशैली को किसी के अधीन नहीं बनाना चाहिए क्योंकि दुनियां सिर्फ़ स्वयं की होती हैं दिखावे में हम सब की दिखती हैं अतः ईश्वर की आस्था के साथ कर्म निष्ठता एवम् जीवन का अनुशासन हर क्षेत्र में होना आवश्यक है जिससे शारीरिक पीड़ा, मानसिक पीड़ा और आर्थिक पीड़ा किसी से भी नहीं गुजरना पड़े जीवन को सरल बनाएं सहजता आएगी।।


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Wednesday, March 29, 2023

रवि दर्शन सांदु

 राजस्थान दिवस पर राजस्थान को प्रणाम और जय माता दी की



क्या लिखूं मैं कविता में राणा प्रताप की माटी को

त्याग समर्पण बलिदान कि पर्याय बनी परिपाटी को

चूंडा लेकर भीष्म प्रतिज्ञा सिंहासन ठुकराते है

भामाशा त्यागी बनकर भी अपना शीश झुकाते हैं 

खण्ड खण्ड राणा सांगा ने हिंदू ध्वज फहराया था 

तो पन्ना ने लाल कटाकर कुल का नाम बचाया था

गोरा बादल पद्मन की जहां अमर लिखी कहानी है

कण कण  जिसके शौर्य पले वो माटी राजस्थानी है

जय जय राजस्थान 

रवि दर्शन सान्दू अणेवा पाली

Wednesday, March 22, 2023

हिन्दू नव वर्ष की मान्यता

 हिन्दू नव वर्ष की मान्यता सूर्य देव की पहली किरण के स्वागत के साथ शुरू किया जाता है और पश्चात देशों के अंग्रेजी कैलेंडर का नव वर्ष रात के अंधेरे में शुरू होता है, दोनों कैलेंडर में यह बुनियादी फर्क है एक में रात को 12 बजे शुरू होता है और एक में सूरज की पहली किरण के साथ शुरू होता है बहुत से देश ग्रेगोरियन कैलेंडर को नहीं मानते थे हमारे देश की तरह वो हिन्दू पंचाग को मानते लेकिन आज पश्चिमी देशों का यह कैलेंडर सभी मानने लग गए और हमारा देश भी व्यापार जन्म दिनांक आदि इसी पर आधारित हो गया जिसका न तो मौसम से न प्रकृति से हैं कोई लेना देना है और न ही तीज त्यौहार से जबकि हमारे हिन्दू कैलेंडर में ऐसा नहीं है भारत में दुनिया की सबसे पुरानी संस्कृति के लोग हैं और विक्रम संवत की शुरुआत भी चैत्र मास के इसी चैत्र प्रतिपदा से होती हैं ब्रह्म पुराण के अनुसार भी सृष्टि इसी दिन बनी थी और इसी दिन से भारतवर्ष में काल गणना भी शुरु हुईं थी हिन्दू कैलेंडर और ग्रेगोरियन कैलेंडर और हिन्दू कैलेंडर में कुछ बुनियादी फर्क बताते है ग्रेगोरियन कैलेंडर की शुरुआत ईशा मसीह के जन्म से मानी जाती हैं और हिन्दू कैलेंडर विक्रम संवत 57 बीसी से मानी जाती हैं, जब महाराज विक्रमादित्य ने युद्ध में सकाज को पराजित किया था , हिन्दू कैलेंडर 2080 में प्रवेश कर चुका है और अंग्रेजी कैलेंडर में 2023 चल रहा है भारतीय कैलेंडर की गणना सूर्य और चंद्रमा से होती हैं जबकि ग्रेगोरियन कैलेण्डर पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा के अनुसार चलता है पृथ्वी सूर्य के एक चक्कर 365.25 दिन में लगाती हैं इसलिए 365 दिन में एक वर्ष होता है और हर चार साल में एक लीप ईयर होता है ग्रेगोरियन कैलेण्डर सिर्फ तारीखों पर चलता है जिससे यह पता चलता है कि महीना चेंज हो गया है या नया साल आ गया है जबकि हिन्दू नव वर्ष में पूरी प्रकृति भी नवीनता का एहसास कराती हैं कि नव वर्ष आ गया है पतझड़ होकर प्रकृति अपने श्रृंगार की प्रक्रिया में होती है मानो पूरी सृष्टि में ही नयापन आ गया हो, अग्रेजी नव वर्ष की शुरुआत पार्टी से होती हैं तो हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत त्यौहार की ऊर्जा के साथ मनाते हैं इस पूरे देश में अलग अलग नाम से जाना जाता है इस दिन कश्मीर में नवरोज, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में उगादी, महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, केरल में विशू और पंजाब में बैसाखी के त्यौहार के साथ शुरु होता है अतः हमारे देश में हमारी संस्कृति से जुड़ा नव वर्ष को मनाए यह प्रकृति के डीएनए से जुड़ा पर्व है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को से नव वर्ष के साथ जीवन में नवाचार लाए।।


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Tuesday, March 21, 2023

भारतीय नववर्ष का महत्व

 भारतीय नववर्ष का महत्व समझे कि हमारे पर्व, हमारी संस्कृति हमारा संस्कार क्या कहता है हमारे त्यौहार, हमारी तिथियां सब पश्चात संस्कृति से जोड़ दिए गए जिसकी गणना अंग्रेजी तारीखों से की जाने लगी है, हमारा नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को होता है, हमारे शुभ मुहूर्त, विवाह आदि तिथियों को देखकर किए जाते है, लेकिन हम पश्चात संस्कृति की ओर बढ़ रहे हैं तिथियां कम याद रहती हैं तारीखे अधिक जिसका अधिक कारण यह मोबाइल जो कि विशेष प्रयोजन के लिए बनाया गया है लेकिन जन्म से ही बच्चो को थमा दिया जाता हैं एप्पल कम्पनी के फाउंडर स्टीव जॉब्स ने बिल क्लिंटन से पूछा कि आपके परिवार में कितने फोन है तो उन्होने कहा कि परिवार में जितने मेंबर उतने फोन, लेकिन स्टीव जॉब्स ने कहा कि मेरे घर में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे कोई मोबाइल को छूता तक नहीं क्योंकि स्टीव जॉब्स ने कहा मैने इस मोबाइल को बनाया हैं मैं अधिक समझता हूं इसके बारे में जब तक मैच्युरिटी नहीं आती इसकी उपयोगिता समझ नहीं आएगी, आधुनिक तकनीकी को हमे समझ से पहले इस्तेमाल नहीं करना चाहिए , हमारी संस्कृति को हमे सदैव याद रखना चाहिए हर वार तिथि, पर्व जो हमारी सनातनी संस्कृति में बने हैं उसके पिछे तार्किक और वैज्ञानिक आधार हैं हमे सदैव याद रखना चाहिए समझना चाहिए, हमारे शरीर में 80% पानी की मात्रा होती है जो तिथियों के आधार पर प्रभावित होती है,जब पूर्णमासी होती हैं तो पानी ऊपर चढ़ता है और जब अमावस्या आती हैं तो पानी नीचे उतरता है बुद्धि का बैलेंस खराब हो जाता हैं इसलिए अमावस्या को छुट्टी रखी जाती हैं, जितनी भी यांत्रिक दुर्घटनाएं होती हैं वो सब अमावस्या को होती हैं क्योंकि चन्द्रमा दिखता नहीं है तो शरीर में निष्क्रियता आती हैं दुर्घटनाएं बढ़ती है अधिकांश भूकंप अमावस्या के आस पास आते हैं 2,4 दिन पहले या बाद आता है, हिन्दू कलेंडर को सदैव याद रखें हर तिथि पर्व का अपना महत्व है अतः हमारे हिन्दू वर्ष चैत्र प्रतिपदा को प्रारंभ होता है और हर दिन, माह और त्योहारों के पिछे समय के साथ लॉजिक हैं स्मरण रहे।।


नववर्ष की अनंत कोटिशः बधाई 


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Monday, March 20, 2023

अपनी कहानी खुद लिखों

 अपनी कहानी खुद लिखों वातावरण तुम्हे किसी भी दिशा में ले जा सकता हैं लेकिन तुम्हे ही समझना होगा कि जिस दिशा में तुम्हारा अतीत का समय निकला वो तुम्हारे लिए कितना उपयोगी है, क्योंकि अब तक जो हुआ वो तुम्हारे हाथ में नहीं था लेकिन वर्तमान तुम्हारे हाथ में है, जिस विद्यालय में तुमने अध्ययन किया उसका चयन तुमने नहीं किया, जो दोस्त तुम्हे मिले वो संयोग था, तुम्हारी समझ ऐसे माहौल से आई जिस माहौल में तुम रहे, वो माहौल तुम्हे मिला वो सम्पूर्ण तुम्हारा अपना निर्णय नहीं था.. हां उस माहौल से चयन तुमने किया कि किसे पसन्द करू लेकिन तब विकल्प तुम्हारे पास सीमित थे जब हमारी समझ यह निर्णय ले सकती हैं कि हमें किस वातावरण में रहना चाहिए इसके बाद तो हर उस क्षण के जिम्मेदार हम है जिस संगति में हम रह रहे हैं यह जरूरी नहीं होता कि हमारा अतीत ठीक नहीं था तो भविष्य भी ठीक नहीं होगा वर्तमान को सुधार लेंगे तो भविष्य उत्तम बन जाएगा यह पक्का है क्योंकि हम अब तक किरदार निभा रहे थे और अब हम चाहें तो कहानीकार बन सकते हैं, किरदार के हाथ में सिर्फ लेखक द्वारा लिखित बात को फॉलो करना होता है जैसे कि हमें जो वातावरण मिला उसके अनुरूप हम बने अब हम जो वातावरण बनाएंगे उसके अनुरूप लोग बनेंगे अतः हम एक अच्छा लेखक बने ताकि हमारे जीवन की कहानी को हम बेहतर तरीके से लिखें जिसे हम और हमारे साथ कनेक्ट होने वाला हर किरदार अपनी अलग पहचान बनाएं।।


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Sunday, March 19, 2023

प्रतिदिन एक कार्य करें

 प्रतिदिन एक कार्य करें जो आपको लगना चाहिए कि यह कल से भिन्न हैं लेकीन वो हर दिन अलग होना आवश्यक है कि आज मैने वो त्रुटि सुधार की जो कल मुझमें थी, यदि आप निरंतर ऐसा करते हैं तो आपका जीवन सुखमय होगा चाहे उस समय आप जीवन के किसी भी हिस्से में खड़े होकर देख रहे हो, वो आर्थिक व्यवस्था का भाग हो या पारिवारिक जिम्मेदारी या फिर समाजिक दायित्व निभा रहे हो हर पल आनन्द महसूस करोगे, हमारा प्रयास परिवर्तन के साथ कनेक्ट होकर भूल को सुधारने की दिशा में होना चाहिए उक्त किसी भी हिस्से में जीवन व्यतीत कर रहे हैं हमारा परिणाम सकारात्मक होगा, बेहतर प्रयास बेहतर परिणाम लाते हैं हमने किसी की कमी को देखकर जीवन नही जीना चाहिए हमारी गलती को देखकर समझना चाहिए कि क्या हम जैसे है उससे अधिक बेहतर कैसे बने क्योंकि दूसरो की कमियां देखने जाएंगे तो हर पेड़ पोधे फूल पत्तियां खूबियों को लेकर खड़ी है लेकिन उनकी जड़ों में कई गन्दगी भरी होती हैं फिर भी उनमें महक होती हैं, हमे रूपांतर की प्रक्रिया से गुजरना चाहिए क्योंकि यही जीवन का स्वभाव है जिसे हमे अच्छी तरह से देखना होगा, धरती की हर दूसरी चीज रूपांतर की प्रक्रिया में है हम इन प्राकृतिक चीजों को समझते हुए आगे बढ़ेंगे तो हम सही दिशा में चल रहे हैं अन्यथा हम कही भटक रहे हैं अतः आप किसी दूसरे प्राणी से बेहतर नही कर पा रहे हैं तो आपका जीवन सार्थक नही है मनुष्य जीवन बहुत महंगा जीवन हैं क्योंकि खाने, पीने, सोने, बैठने चलने फिरने और पहनने के लिए बहुत सारी चीज़ें आवश्यक होती हैं लेकिन हमे जीवन के प्रति सदैव संवेदनशील बनना चाहिए ताकि हम हर संभव प्रयास का हिस्सा बने जिससे हमारा जीवन सुखमय और आनंदित बने।।


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Monday, March 6, 2023

स्वतंत्र सोच बनाना कठिन

 स्वतंत्र सोच बनाना कठिन हैं क्योंकि हमारा चेतन मन हमारे अवचेतन मन के अधीन होता हैं, हमारी सोच हमारे आस पास के वातावरण पर निर्भर करता हैं,  यदि हमनें उन चीजों को समझ लिया की हमें वो करना चाहिए जो हमारे लिए सही है उसके लिए हम हमारी स्वतंत्र सोच बनानी होगी जिसके लिए हमें आत्म चिंतन और हमारे इर्द गिर्द वातावरण को पूर्णतया विवेकशीलता से समझना आवश्यक होता हैं, हमारी सोच और आगे की क्रमिक प्लानिंग को लोग उनके विवेक से बदल देते हैं क्योंकि हमारे सोच को बदलने का काम वो लोग कर सकते हैं जहां हम उनकी योजना के अनुरूप चलने लग जाते हैं वो हमारे दिमाग में ऐसी विचार धाराओं से तैयार कर देते हैं कि हमारा मन मस्तिष्क उनकी सोच के साथ चलने लग जाता हैं और हमारे द्वारा वो ही कार्य करवाया जाता हैं जो वो लोग चाहते हैं,  जिसका उदाहरण माइंड रीडर हमारे साथ प्रेक्टिकल कर के बताते हैं और हमारी सोच उनके अधीन होकर काम करने लगती हैं, जीवन में बहुत बार ऐसा कई लोगो के साथ होता हैं जहां उनकी निर्णय क्षमता को छिन्न भिन्न कर देते हैं और व्यक्ति हताष होकर असफलता का मार्ग प्रसस्त हो जाता हैं अतः  जीवन में अच्छे मुकाम को पाना चाहते हैं तो हमारे मन को स्वतंत्र रूप देकर निर्णय शक्ति को सुदृढ़ बनानी चाहिए ताकि कोई भी हमारे सफल मार्ग में बाधा नहीं बनें और जीवन में आर्थिक आजादी के साथ सुकून का जीवन व्यतीत करने का सफल प्रयास कर सकें !!


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समय का चक्र और संघर्ष की कहानी

जनयुग के प्रहरी में आप पढ़े 😊 समय का चक्र और अज्ञातवास की कहानी, संघर्ष की कहानी  समय का पहिया घूमता रहता है, और हमें अपने जीवन में कई बार ...