Saturday, April 22, 2023

जैविक खाद का सरल तरीका

जैविक खाद का सरल तरीका राजीव दीक्षित जी के बताएं अनुसार👉🏻 जिस पशु का गोबर उसी का मूत्र मानो गाय का गोबर तो उसी का मूत्र, भैंस का या बैल गोबर तो उसी का मूत्र 

गोबर 10 किलो 
मुत्र 10 लिटर 
काला गुड़ 1 किलो 
दाल का आटा 1किलो 
मिट्टी 1 किलो

मिट्टी पीपल या बरगद के पेड़ की जो सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देता है,,,तो उसके आसपास की मिट्टी में अधिक जीवाणु होते हैं किसी ड्रम में मिलाकर गोल लो फिर उसको 15 दिन तक कपड़े से ढक कर छांव में रख दो 15 दिन बाद खाद तैयार हो जाएगा, इसमें करोड़ो सूक्ष्म जीवाणु पैदा हो जायेंगे मिट्टी में यदि जीवाणु लाखो में हैं तो 15 दिन में करोड़ो हो जायेंगे यह जीवाणु घोल तैयार हो गया, अब इसको जितना गोबर था उसका दस गुणा पानी मिलाकर खेत में छिड़क दो या ड्रिप द्वारा सिंचाई के साथ भी दे सकते हो, यानि दस किलो गोबर था तो कम से कम 100 लिटर पानी अधिक से अधिक 200 लिटर पानी एक एकड़ के लिए तैयार हो गया, अब जितने जीवाणु थे वो सारे खेत में चले जाएंगे, जिससे पौधे की ग्रौथ करने के लिए जितने भी सूक्ष्म पोषक तत्व चाहिए ये जीवाणु देते हैं, यही जीवाणु पौधे को लम्बा घना बनाता है, पैदावार बढ़ाता है, 
डालने का समय : पहला खेत जुताई के दूसरे दिन डाल दो, लगभग 5 दिन बाद बुवाई कर दो दुसरा बुवाई के 21 दिन बाद फिर दुबारा डाल दो, मानो 4 महीने की फसल हैं तो 5 बार डालना पड़ेगा हर 21 दिन बाद छिड़काव करना होगा, फसल अधिक समय की हैं तो उसी समय अंतराल में थोड़ा अधिक बार डालना पड़ेगा , इससे भरपूर कैल्सियम,आयरन, फॉसफेरस जैसे सैकड़ों तत्त्व मिलेंगे फसल को , पहले वर्ष संभव है थोड़ी पैदावार कम हो लेकिन लगातार इस्तेमाल होने से जबर्दस्त पैदावार होगी कम लागत यानि कि नहीं के बराबर खर्च में, सिर्फ मेहनत करनी होगी अतः जैविक उत्पादन से फ़सल पौष्टिक होगी तो हमें पौष्टिक आहार मिलेगा कमाई अधिक होगी और स्वस्थ्य समाज का निर्माण हमारे निरंतर ऐसा करने से होगा ।।

पढ़ते रहे ब्लॉग # जनयूग के प्रहरी में जैविक खेती की जानकारी के साथ हमारे यूट्यूब चैनल पर क्लिक करे , कम्पोस्ट और वर्मिकंपोस्ट खाद बनाने का सरल तरीका जानें

https://youtu.be/2wgT8b7mcmg

कृषि वैज्ञानिक डॉ अरुण कुमार शर्मा के साथ इंटरव्यू

Wednesday, April 19, 2023

जैविक खेती से दोहरा फायदा

जैविक खेती से दोहरा फायदा मिलता है कम लागत में अधिक उत्पादन एवम् स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता भी आती हैं, हमारा देश कृषि प्रधान देश है अधिक निर्भरता कृषि पर आधारित है जिसमें हमने खेती करने के तरीके को इतना बदल दिया कि आज हम रसायनिक खाद बीज से कुछ समय तो लाभन्वित हो जाते हैं लेकिन लम्बे समय में हम स्वास्थ्य और जमीन दोनो को खराब करते हैं जानकारी के अभाव में हमने जैविक खेती से दूरी बना ली है लेकिन समय के साथ यदि हमने सही फसल का चुनाव एवम् सही उत्पादन प्रक्रिया को समझ लिया तो हम कम बजट में अधिक पौष्टिक आहार पैदावार कर सकते हैं अपने परिवार के साथ हमारे देश को समृद्ध बनाने में बडी भूमिका निभा सकते हैं इसके लिए पहले हमें प्रशिक्षित होना पड़ेगा तभी हम आस पास में प्रशिक्षण दे पाएंगे और यही क्रम आगे मल्टीपल होगा तथा साथ ही सुदृढ़ एवम् स्वस्थ्य समाज में सफल प्रयास का हिस्सा बन पाएंगे, पहले न इतनी बीमारियां थी और न ही इतने हॉस्पिटल थे अब अनगिनत बीमारियां हो रही हैं तो न जाने कितने हॉस्पिटल खुल रहे हैं कारण यही है कि हमारा खान पान बिगड़ गया है और बिना सोचे समझे हमने अनचाहें तत्व फसलों को देना प्रारंभ कर दिया जिससे कई बीमारियों का जन्म हो रहा है अतः हमें स्वस्थ्य रहने और आर्थिक संपन्नता में क्रान्ति लाने हेतु किस फसलों में अधिक आमदनी होती है ऐसी जैविक खेती जैसे अनुष्ठान आरंभ कर दिए तो निश्चित इस महाभियान में बड़े बदलाव की संभावना बनेगी।।

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https://youtu.be/2wgT8b7mcmg

कृषि वैज्ञानिक डॉ अरुण कुमार शर्मा के साथ इंटरव्यू 

Monday, April 17, 2023

पिता जीवन का आधार

पिता जीवन का आधार होता है अनुशासन पाठ जहा सीखा जाता हैं वो पिता का साया ही होता है मां का त्याग तो किसी कलम में नहीं समा सकता और मां पर लिखने के लिए तो दुनिया की कलम कम पड़ जाएगी लेकिन पिता का तप और संतानों की सोच समझ पाना बड़ा दुर्लभ विषय है संतानों का आदर्श होते हैं पिता जो आने वाली हर परेशानी को समझने का साहस और अनुभव सिर्फ पिता में ही होता है पिता हर अनुभवों का आभाष कराते हैं आजकल की युवा पीढ़ी कितना समझती है कि पिता का महत्व जीवन में कितना हैं यह समय ही सीखाती हैं जब पिता के नहीं होने पर पिता की बाते याद आती हैं कि उनका एक एक शब्द जीवन को बदलने जैसा होता है, बचपन से जो शिक्षा के साथ संस्कार जोडने का काम करते हैं वो पिता ही है, दुनियां की डिग्री पाने के बाद भी संताने पिता से अधिक अनुभवी नहीं बन सकते व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होने का स्थान तो पिता के शरण में ही मिलता है, इस दुनियां का हर पिता यह चाहता है कि उनकी संताने हर पहलुओं में ऊंचा स्थान पाए चाहे वह जूठ मूठ भी कहेंगे लेकिन कहेंगे मेरे बेटे श्रेष्ठ है मेरी बेटी श्रेष्ठ है क्योंकी गुरु की तरह पिता ज्ञान, मित्र की तरह सलाह और मै हूं न कहने वाला पिता ही होता है,पिता ही जीवन में सबसे महत्वपूर्ण होते हैं पिता के बिना जीवन कटी हुई पतंग की तरह होता है, पुरा जीवन स्वयं के सुख दुःख की परवाह किए बिना हर हाल में चाहते हैं कि उनके बच्चे पढ़ लिखकर बड़े आदमी बने जीवन में कोई दुःख न आए अतः बिना पिता के बिना छत के घर और बिना आसमान के जमीन का होना हैं पिता के महत्त्व की भूमिका की व्याख्या करना मुश्किल है , माता पिता एक अनमोल रत्न हैं जिनके आशीर्वाद दिया दुनिया की कामयाबी हासिल हो जाती हैं सदैव इनका सम्मान करें माता पिता ईश्वर की सौगात होते हैं।।

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Saturday, April 15, 2023

नेक विचार समाज को सुदृढ़ बनाता है

नेक विचार समाज को सुदृढ़ बनाता है सामाजिक विधान भी एक सशक्त समाज के व्यवस्थापन में अहम भूमिका निभाता है जिस प्रकार से हर देश के संविधान हमारी आजादी और जीने का अनुशासन सिखाता है उसी प्रकार हर समाज की मर्यादाओं के दायरे को निर्देशित करता है कि हमे समाज में कैसे रहना है देशान्तर काल और समय की दूरी से एक ही समाज की परंपराए थोड़ी बहुत भिन्न हो जाती हैं लेकिन कई मान्यताओं के पिछे कोई न कोई वैज्ञानिक आधार होता है जो समय काल और परिस्थिति के हिसाब से परिवर्तन होता रहा है जहां समय मांग करता है सामाजिक सम्मति से संस्कारों का पाठ्यक्रम जुड़ता जाता हैं हर समाज में एक अनोखा इतिहास समाहित होता हैं और हर समाज अपनी संस्कृति के संचार को आने वाली पीढ़ी में धारा प्रवाह हेतु प्रयास कर एक सुदृढ़ अनुशासन का व्यवस्थापन करते हैं, कही शिक्षा के स्तर से तो कहीं अनुभवों के अंदाज से अपनेपन की आहट भावी पीढ़ी में स्थापन हेतु व्यवस्था बनती हैं जब कोई न कोई निश्वार्थ भाव से ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता सेवा के प्रकल्प तैयार करते हैं जिनको नाम की नहीं सिर्फ़ परिणाम की चाहत होती हैं इस अनुष्ठान का दीप चाहे एक के मन में प्रज्वलित हो लेकिन समान विचारों के कर्मठ योद्धाओ का कारवां खड़ा हो जाएं तो संस्कारों की  दीपमाला भावी पीढ़ी में दमकती है तथा संस्कारमय एवम् एक दूसरे को जोड़ने का क्रम अनवरत बन जाता हैं अतः निष्ठावान लोगों के साथ समान विचारों से सहमत होकर उन प्रकल्पो को गति देने का प्रयास करें जिसमें निश्वार्थ मदद की पाठशाला स्थापित करने का संकल्प हों क्योंकि जीवन में व्यवसाय में स्वार्थ और सेवा में निस्वार्थ भाव होना चाहिए।।

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Wednesday, April 12, 2023

आईना सबसे बड़ा गुरु

आईना सबसे बड़ा गुरु होता है दुनियां के मोटिवेशनल आर्टिकल पढ़ लो, स्पीच सुन लो, कुछ नहीं होगा जब तक अंदर से आवाज नहीं आती कि हमें यह यह कार्य करना हैं, सुबह का अलार्म आपको निर्देशित करेगा कि 5 बज गए हैं तुम उठ जाओ लेकिन उठना तुम्हें पड़ेगा , काम दुनियां में बहुत पड़ा है हमारा विजन क्लियर होना चाहिए कि हमें करना क्या है नहीं करने वाले आलसी लोगों को कितना भी मोटीवेट करो कुछ काम नहीं आयेगा कुछ कर गुजरने का हौंसला रखने वाले एक लाइन से इतिहास बना डालते हैं ऐसे अतीत और वर्तमान में सैकड़ों उदाहरण मिल जायेंगे इसलिए करना क्या है बनना क्या है खुद तय करे वही बनोगे, क्योंकि तुम्हारे अन्दर के संकल्प और मेहनत से परिणाम आएगा दुनियां सिखाती भी है और भटकाती भी है निर्णय तुम्हारे काम आयेंगे  *न उम्र आड़े आएगी और न ही शिक्षा का स्तर* सिर्फ़ काम करने का तरीका और जुनून तुम्हारे नए आयाम स्थापित करेगा खुद के अनुभव को दुरुस्त कर लो हर काम आसान लगेगा अन्यथा सब कुछ मुश्किल नजर आएगा चाहे जॉब करो या बिजनस अतः दुनियां की सीख लेने से पहले ख़ुद को फॉलो करें ,आत्मसाद करे ,आइने में स्वयं को देखे, खुद को समझें, खुद की सुने, मंज़िल मिलेगी जो तुम चाहते हो।।

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Friday, April 7, 2023

प्रार्थना में ईश्वर के रूप का वर्णन क्यों

 प्रार्थना में ईश्वर के रूप का वर्णन क्यों करते हैं क्योंकि जब हमारा मन हमारे आराध्य देव को याद करते समय उनके रूप और गुणों का बखान इसलिए करते हैं कि निराकार रूप साकार रूप में हमारे सामने आ जाता है हमारी आस्था और दृढ़ विश्वास बढ़ जाता हैं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है उसमें हम किसी कार्य को करते हैं तो उसमें बल मिलता है और सफलता प्राप्त होती हैं, हमें ताकत अंदर से ही मिलती हैं, जब हम स्वयं की ताकत को जागृत हेतु प्रयास कर रहे होते हैं तब हमे यह नहीं सोचना चाहिए कि कौन क्या कर रहा है सिर्फ़ स्वयं के चित्त में जाना चाहिए उपवास हम कर रहे हैं तो कौन नहीं कर रहा है यह जानने की जरूरत नहीं , भुख हमें हैं तो खाना हमे चाहीए समस्या हमारी हैं तो समाधान हमे ढूंढना होगा कितनी भी बड़ी समस्या क्यों न हो जब तक हम डट कर उसका सामना नहीं करते तब तक हम कोई भी उपलब्धि हांसिल नहीं कर सकते आप जितना आगे बढ़ेंगे आपका समस्याओं से सामना उतना ही होगा समस्याओं का सामना करने से वो छोटी हो जाती हैं और डर जाने से बड़ी हो जाती है हमे सदैव याद रखना चाहिए कि हम मन को ताकत देंगे उसमें प्रकृति भी हमारा सहयोग करती हैं ईश्वर सदैव साथ रहते हैं अतः निष्ठावान होकर हर कार्य को करने से समूचे समाधान का विकल्प हमारे सामने होता है जीवन को भक्तिमय बनाएं और सत्यता _ सरलता _ स्पष्टता अपनाए ईश्वर शक्ति हर पल आपके साथ रहेगी।।


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Thursday, April 6, 2023

मानवीय रिश्ते पूर्ण नहीं होते

 मानवीय रिश्ते पूर्ण नहीं होते उसे सुरक्षित और प्रभावी बनाने पड़ते हैं उस पर लगातार काम करना पड़ता है क्योंकि कोई भी रिश्ता कभी विकसित नहीं होता सदा विकासशील होता है, सदैव उसे विकसित करने का प्रयास करना होता है क्योंकि जो रिश्ते बने हैं उसे खूबसूरत अभिनय में स्थान देना चाहिए, चाहे वो जीवन के किसी भी कैरेक्टर में निर्वहन कर रहे हो, शैक्षणिक जीवन, व्यावसायिक जीवन हों या पारिवारिक जीवन हों हर रिश्ते की अपनी गरिमा होती हैं मर्यादा होती हैं, पहले तो हमें यह समझना होगा कि कौनसा रिश्ता किस दर्जे का हैं उसके उस महत्व को समझ कर फॉलो करना होता है तब वो रिश्ते प्रगाढ़ बनते हैं, एक तो कोई आपके साथ रहना चाहता है यह अनोखी बात है और किसे यदि आपके साथ रहना पड़े यह एक मजबूरी होती है , मजबूरी से नहीं मजबूती से खड़े रहे ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास अनवरत होना चाहिए उसी में जीवन का आनंद है, इसके लिए आपको सबमें सर्वोत्तम बनना होगा , एक अच्छे पिता_माता, अच्छे पुत्र_पुत्री, अच्छे शिक्षक_विद्यार्थी ,अच्छे मालिक_एम्प्लॉय और अच्छे व्यक्तित्व के व्यक्ति बनने से रिश्ते अच्छे बनते चले जाते हैं अतः हम श्रेष्ठ बनेंगे तो सारे रिश्ते श्रेष्ठ बनेंगे यह प्रयास निरंतर करते रहना चाहिए यह कभी पूर्ण नहीं होते उस पर गंभीरता रखते रहना होता है।।


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Wednesday, April 5, 2023

परिवार में अपनो की महत्ता

 परिवार में अपनो की महत्ता कितनी महत्वपूर्ण है यह गहनता से सोचने का विषय है न कि यह देखने का विषय कि दुनियां में क्या हो रहा है, कौन कितना प्रेम रख रहे हैं यह समझने का विषय नहीं होता सोचना वहां चाहिए कि हम कितना त्याग कर रहे हैं, पैसा तो शायद अकेले की मेहनत के परिणाम से आ सकती हैं लेकिन पुरे जीवन की मेहनत तो क्या कई जन्मों की मेहनत से कमाए धन से परिवार का प्रेम नहीं खरीदा जा सकता, हम हमारे लिए क्या कर रहे हैं यह महत्वपूर्ण नहीं होता महत्वपूर्ण तो यह होता है कि हमने परिवार के लिए क्या किया , जब हमारा त्याग दिखता है तो हम पर परिवार का प्रेम बिखरता है प्यार की परिभाषा नए आयाम स्थापित करती हैं मन के उदगार फूटने लगते हैं अपने हम पर टूटने लगते हैं जीवन में वो सब कुछ मिलने लगता है जो हम चाहते हैं, दुनियां का स्वर्ग परिवार के आंचल में होता है, दौलत की छाया तो जितनी चाहोगे मिल जाएगी लेकिन अपनो के साए की कीमत नहीं लगा पाओगे, खरीददार तो मिल जायेंगे दौलत का ढेर लगाकर परन्तु बिकने को तैयार कोई नहीं मिलेगा अतः जिनके पास पैसा नहीं उनके एक ही समस्या है कि पैसे नहीं हैं लेकिन जिनके पास पैसा है उनको पैसों के अलावा सब समस्या है ... अपनो के साथ जिए न पैसों की दिक्कत आएगी और न ही किसी वैभव की दिक्कत।।


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समय का चक्र और संघर्ष की कहानी

जनयुग के प्रहरी में आप पढ़े 😊 समय का चक्र और अज्ञातवास की कहानी, संघर्ष की कहानी  समय का पहिया घूमता रहता है, और हमें अपने जीवन में कई बार ...