कुछ नया करने के लिए सोचे कि हमें क्या करना चाहिए कहने के लिए साधारण बात है लेकिन सफलता के लिए कुछ नया करने जाना एक बड़ी चुनौती है , हम नया तो करना चाहते हैं लेकिन क्या करना चाहिए किस प्रकार से करना है हमारे जीवन के जोड़े हुए अनुभवों को कैसे पंक्तिबद्ध करके हमें नया सोचना है यह बड़ा विषय है यदि हमें नया करना है तो हमारा अनुभव हमें वो सारी चीजें दे चुका होता हैं जो हमनें आज तक किया है, लाभ हानि व्यवसायिक जीवन के उतार चढ़ाव जो सब देख चुके हैं वो हमें नए व्यवसाय के साथ अप्लाई करना होगा तब हम नया कर पाएंगे क्योंकि कुछ अलग करना अपने आप मे एक इतनी बड़ी चुनौती है कि कोई भी उसे स्वीकार नहीं करेगा चाहे वो आपके मित्र रिस्तेदार हो या हमेशा आपके साथ रहने वाले हमारे समीपस्थ लोग ही उसको नकारेंगे लेकिन जब तक आप यह दृढ़ संकल्प नही लेंगे कि आप किसी की परवाह किए बिना अपना रिमोट को स्वयं के पास रखकर नया करने जाओगे तभी शुरुआत होगी दुनिया कभी नहीं चाहेगी कि तुम नया करो या बड़ा करो हमारी सफलता में सबसे अधिक जिम्मेदार हम स्वयं होते हैं इतिहास के पन्नों पर लोगों ने हमेशा टांग खिंचाई की है अतः खुद को बेहतर बनाने का तरीका यही है कि अपने अनुभव से निर्णय लेने के बाद इमारत को गढ़े न कि दूसरे के नकारात्मक विचारों से नरवश होकर हमारी गति को विराम देकर थके नयी सफलता का आयाम तभी सम्भव है जब हम बिना रुके , बिना थके, निरन्तर हमारे प्रयास में लगे रहे तो सफलता के सदैव सफल प्रयास होंगे।।
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