परेशानी में धैर्य और बुद्धिमता की आवश्यकता होती हैं, परेशानी किस प्रकार की है और उसका मार्ग किन प्रयासों से हो सकता हैं उस समय सिर्फ वो ही प्रयास किया जाय तो सम्भवतः समस्या दूर होगी हम किसी भी विसम परिस्थिति में मनः स्थिति खो देते हैं तो हमारे निर्णय भी गलत होने की संभावना बनती हैं , हमारे विवेक हमारी परिस्थितियों को मोड़ दे सकता हैं यदि हम हमारी सोच सही मायने में लेकर चले तो माहौल भी हमें सही निर्यायक स्थान पर ले जाएगा और सही दिशा मिलेगी तथा हम विपरीत परिस्थितियों से बाहर आ जाएंगे, जब कोई परेशानी आती हैं तो हमें यह समझना चाहिए कि ईश्वर हमारी परीक्षा ले रहा हैं और उस परीक्षा में बहुत ही सहजता से उतीर्ण होना है ताकि किसी जीवन में सरलता बनी रहे, यदि हम कभी विकट परिस्थिति में हम विचलित नहीं होंगे तो हम कभी दुःखी हो ही नहीं सकते क्योंकि दुःख और सुख हमारे अनुभवों में छुपा होता हैं, हमारे मन की दिशा को भटकने नही देंगे तो जीवन सुखमय होगा अतः हमारे जीवन में मधुरता लाने के लिए शान्त और शिथिल मन के साथ अनुभूति परिस्थितियों के अनुकूल बनाकर जीने से परेशानी मुक्त जीवन का आनंद अनुभव होगा।।
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