अपनी कहानी खुद लिखों वातावरण तुम्हे किसी भी दिशा में ले जा सकता हैं लेकिन तुम्हे ही समझना होगा कि जिस दिशा में तुम्हारा अतीत का समय निकला वो तुम्हारे लिए कितना उपयोगी है, क्योंकि अब तक जो हुआ वो तुम्हारे हाथ में नहीं था लेकिन वर्तमान तुम्हारे हाथ में है, जिस विद्यालय में तुमने अध्ययन किया उसका चयन तुमने नहीं किया, जो दोस्त तुम्हे मिले वो संयोग था, तुम्हारी समझ ऐसे माहौल से आई जिस माहौल में तुम रहे, वो माहौल तुम्हे मिला वो सम्पूर्ण तुम्हारा अपना निर्णय नहीं था.. हां उस माहौल से चयन तुमने किया कि किसे पसन्द करू लेकिन तब विकल्प तुम्हारे पास सीमित थे जब हमारी समझ यह निर्णय ले सकती हैं कि हमें किस वातावरण में रहना चाहिए इसके बाद तो हर उस क्षण के जिम्मेदार हम है जिस संगति में हम रह रहे हैं यह जरूरी नहीं होता कि हमारा अतीत ठीक नहीं था तो भविष्य भी ठीक नहीं होगा वर्तमान को सुधार लेंगे तो भविष्य उत्तम बन जाएगा यह पक्का है क्योंकि हम अब तक किरदार निभा रहे थे और अब हम चाहें तो कहानीकार बन सकते हैं, किरदार के हाथ में सिर्फ लेखक द्वारा लिखित बात को फॉलो करना होता है जैसे कि हमें जो वातावरण मिला उसके अनुरूप हम बने अब हम जो वातावरण बनाएंगे उसके अनुरूप लोग बनेंगे अतः हम एक अच्छा लेखक बने ताकि हमारे जीवन की कहानी को हम बेहतर तरीके से लिखें जिसे हम और हमारे साथ कनेक्ट होने वाला हर किरदार अपनी अलग पहचान बनाएं।।
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