Wednesday, March 29, 2023

रवि दर्शन सांदु

 राजस्थान दिवस पर राजस्थान को प्रणाम और जय माता दी की



क्या लिखूं मैं कविता में राणा प्रताप की माटी को

त्याग समर्पण बलिदान कि पर्याय बनी परिपाटी को

चूंडा लेकर भीष्म प्रतिज्ञा सिंहासन ठुकराते है

भामाशा त्यागी बनकर भी अपना शीश झुकाते हैं 

खण्ड खण्ड राणा सांगा ने हिंदू ध्वज फहराया था 

तो पन्ना ने लाल कटाकर कुल का नाम बचाया था

गोरा बादल पद्मन की जहां अमर लिखी कहानी है

कण कण  जिसके शौर्य पले वो माटी राजस्थानी है

जय जय राजस्थान 

रवि दर्शन सान्दू अणेवा पाली

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