मोबाइल के सही मायने पार्ट 5 में हम *शिक्षा का माध्यम* और *शिक्षित* होने की सही परिभाषा को समझते हैं कि शिक्षा हमें किन किन माध्यमों से मिलती हैं और वास्तविकता में हम शिक्षित कहेंगे किसे....हालांकि शिक्षा पाने की कोई उम्र नही होती लेकिन शिक्षा का पाना एक उम्र में जाकर हमारे आत्मसाद करने से आती हैं , शिक्षा का उदगम हमारे बचपन से होना शुरू होता हैं जहाँ से हमें सुदृढ एवं शक्तिशाली मानसिकता का निर्माण परिजन के द्वारा हमारे साथ हर चर्चा का विषय निर्धारित करता हैं कि बच्चों के द्वारा पुछे गए हर सवालों के जवाब हम किस तरह से देते हैं, खाली मानसिकता हर प्रकार के प्रश्न जानने की इच्छा रखता है जो हमारी सन्तानो का बोलना प्रारम्भ होने से शुरू होने लगता हैं हमनें उन प्रश्नों को सुनकर उनका सही तरीके से जवाब देना शुरू कर दिया और अच्छी दिशा की ओर प्रेरित किया तो उस स्तिथि में भावी पीढ़ी का भविष्य मौलिक वातावरण की ओर अग्रसर होगा,,, अन्यथा मोबाइल पकड़ा कर उन्हें चुप कर दे या हमारे द्वारा मोबाइल में लगे रहने के साथ उन्हें सही से जवाब देने के साथ परवरिश नही की तो बच्चों के भटकने की संभावना वही से बढ़ने लगती हैं अतः हमें बच्चों की बुद्धि के स्तर को समझते हुए उन्हें हर जवाब सटीक तरीके से दिया जाय और ऐसा ही जवाब उसके सम्पर्क में आने वाले हर मित्र, रिश्तेदार द्वारा दिलवाया जाय तो *शिक्षा का संचार होने लगेगा*...,, और शिक्षित भी वही है जो अच्छा शिक्षण पाकर *शिक्षा के द्वारा व्यक्तित्व निर्माण की बात करें असल में शिक्षित भी वही है* ।। क्रमशः ।।
हमारे ब्लॉग जनयुग के प्रहरी "जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रेरणा और सकारत्मक भाव के आधार पर ब्लॉग में आप जीवन के हर पहलू पर आधारित लेख पढ़ सकते हैं, जैसे कि प्रेरणा, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत विकास, जैविक खेती संबधित जानकारी और जीवन के अनुभव। हमारा उद्देश्य आपको संघर्ष के साथ आगे बढ़ना और जीवन में नई दृष्टि प्रदान करना है और आपको अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करना है।" धन्यवाद
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समय का चक्र और संघर्ष की कहानी
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