किसी अन्य को पहचाने की अपेक्षा खुद पर अधिक खोज करें , हमें क्या करना है और क्या नही करना इसका निर्णय हमें लेना है क्योंकि दुनिया में कौन क्या कर रहे हैं हमे कुछ नहीं पता हम किसी के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दे सकते , वास्तविक जीवन के बारे में स्वयं से अधिक कोई नहीं जानता , हमें किसी की तारीफ से प्रभावित होने की आवश्यकता नहीं , हम किसी की वास्तविकता को नही जान सकते इसलिए जानने का प्रयास भी नही करना चाहिए, हम अपने आप को कितना बेहतर बना सकते है उसके लिए प्रयास करना चाहिए, स्वयं के सामर्थ्य पर अध्ययन करने से ही परिणाम आएगा न कि अन्य व्यक्तियों की तारीफ करने या सुनने से, हमारे भविष्य का निर्धारण हम तय करते है दुसरो को दोष देना समझदारी नही होती, जहाँ से मार्ग भटक रहे हैं वही से सही दिशा चयन करना चाहिए, स्वयं को दूसरों के अधीन मत बनाओ अपनेआप को अन्य से बेहतर समझो कि मेरा पुरुषार्थ ही नया इतिहास रचेगा, कर्मयोगी ही स्वर्णिम अक्षरों में पंक्तिबद्ध होते हैं, हमारी पहचान हमें स्वयं को बनाना चाहिए , अपने और पराए अच्छे और बुरे के बखाण में नही पड़ना चाहिए क्योंकि स्वयं से अधिक स्वयं का कोई नहीं, समय रहते सम्भल जाते है तो हर कोई अपना बन जाता हैं और जो कल अपने नही थे वो आज अपने बन जाएंगे और हमारे नाम से उनकी पहचान बताएंगे अतः शारिरीक , मानसिक और आर्थिक संपन्नता पर अधिक कार्य करने से हम सबके और सब हमारे होंगे।।क्रमशः।।
हमारे ब्लॉग जनयुग के प्रहरी "जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रेरणा और सकारत्मक भाव के आधार पर ब्लॉग में आप जीवन के हर पहलू पर आधारित लेख पढ़ सकते हैं, जैसे कि प्रेरणा, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत विकास, जैविक खेती संबधित जानकारी और जीवन के अनुभव। हमारा उद्देश्य आपको संघर्ष के साथ आगे बढ़ना और जीवन में नई दृष्टि प्रदान करना है और आपको अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करना है।" धन्यवाद
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समय का चक्र और संघर्ष की कहानी
जनयुग के प्रहरी में आप पढ़े 😊 समय का चक्र और अज्ञातवास की कहानी, संघर्ष की कहानी समय का पहिया घूमता रहता है, और हमें अपने जीवन में कई बार ...
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