Wednesday, January 4, 2023

डॉ प्रेमदान भारतीय

गुटका गुटका गैंग

ग्रामीण स्वास्थ्य और नोजवानों को बर्बादी से बचाने का साहित्यिक कर्म।।

आप यह पढ़कर हैरान हुये होंगे यह कौनसी गैंग है लेकिन चोंकिये मत जैसे देश में टुकड़े टुकड़े गैंग सक्रिय है न वैसे ही हर गांव में एक गैंग सक्रिय होती है जिसे मैंने गुटके गुटके गैंग नाम दिया है। गुटका राजस्थानी भाषा का शब्द है ।शराब से जुड़ा हुआ शब्द है। हिन्दी का घूंट राजस्थानी का गुटका आसपास है। खैर शब्दों की महामारी में न जाकर वेदना पर आता हूँ।
राजस्थान में जागीरदारी वाली जातियों के गांवों में जब कोई बीमार होता था तो उसे दवा दारू के रूप में छमक कर गुटका देने की बात कहीं जाती और कोई जमी हुई खांसी ठीक हो जाती थी ऐसी व्यापक मान्यता थी ।वही गुटका आगे जाकर कई लोगों के जीवन को बर्बाद भी करता था। खैर असली पीड़ा पर आता हूँ।
ये जो गुटका गुटका गैंग होती है वो हर जागीरदारी वाले राजसी जातियों के गांवों  में हर युग हर काल में हर उम्र में सक्रिय होती है जिसका मुख्य पुण्य का काम होता है घर के रुपयों से लोगों को नोजवानों को बच्चों को शराब की लत लगाने का सत्कर्म करती है। पहले पहले यह गैंग न पीनेवाले लोगों की मुक्त कंठ से सराहना करती है। बेचारे न पीने वाले इस गैंग की चपेट में तब आते हैं जब सराहना सुनने पीने वाली पार्टी में केवल बैठने का सामाजिक अपराध करते हैं।
फिर धीरे धीरे उन नोनिहालों को पास बिठाकर प्यार से अपनापन जताते हुए एक गुटका देते हैं वो अभागा नोनिहाल नहीं जान पाता कि उसकी बर्बादी की नींव का पहला पत्थर रख दिया गया है।
अब वो होनहार बच्चा धीरे धीरे गुटका गुटका गैंग के षड़यंत्र में फंस जाता है। अब उसे बोटी डालने के बाद उसके साथ कम उम्र का होते हुए शराब की दुकान पर भेजना शुरू करती है। गैंग के बुजुर्ग अपनी से दुगनी कम उम्र वाले बच्चों के साथ पीने की कुत्सित चाल चलकर लत लगाने में जब कामयाब हो जाते हैं अपने कुटुंब में खुशियां मनाते है। वो अभागा जीवन भर नहीं समझ पाता कि गुटका गुटका गैंग उसकी बर्बादी का कारण है।
इस गैंग में सरगना बदलते रहते हैं ।अपने जीते जी ही वे गैंग की योजना, गैंग का लक्ष्य गैंग का स्वरूप तय करते और विरासत सौंपते है। ये गैंग के सरगना अपनी वसीयत में लिखते है कि
" हमने अपनी सफलता के बाद किसी को सफल नहीं होने दिया,जैसे तैसे रोका, भटकाया, गुटके की लत लगाई पढ़ाई छुड़वाई,फेल किया या करवाया जैसे भी हो हमने अपना काम पूरी ईमानदारी से करते हुए 20 से 25 नोजवानों ,अधेड़ों को,बच्चों को गुटके की लत लगाई ।आज वे लोग खुद खरीदते है पीते है खाते हैं लगभग बेरोजगार है वे हमारे गुटके गुटके गैंग के ओजार है। अब आगे इस बर्बाद करनेवाली गैंग की परंपरा को तुम आगे बढ़ाना। अपने घर से भी साल भर पिलाना पड़े तो गम मत करना ,सस्ते में निपट जाओगे लेकिन गैंग का लक्ष्य मत भूलना। "
गुटके गुटके गैंग के सरगना की वसीयत के मुताबिक बरबाद करनेवाले सपोले भी ठीक वैसे ही नोनिहालों को, प्रतिभावान नोजवानों को,होनहार युवाओं को अपनी तनख्वाह के बर्बादी के वार्षिक तय बजट से सक्रिय रहकर घिनोना अपराध करते हैं।
  ऐसी गुटका गुटका गैंग जहां भी हैं उन गांवों से अच्छे खासे बच्चे शराब में डूबकर बर्बाद हो रहे हैं।इस गैंग को नोनिहाल पहचाने ,दूर रहे, पास बैठे नहीं, हेलो हाय भी न रखें वरना कब ये गैंग शराब मांस के चक्रव्यूह में फंसा कर बर्बाद करदेंगे  पता भी नहीं चलेगा।
पुनश्च में मुझे इतना ही कहना है।
गुटके गुटके गैंग से दूर रहना है।।

चाहते हो सफल होना ज़िन्दगी में।
गैंग के चक्रव्यूह से हमेशा बचना है।।

डॉ प्रेमदान चारण

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