Friday, January 13, 2023

समझ शक्ति का आभास कब से

 समझ शक्ति का आभास मनुष्य के जन्म से पहले गर्भ काल के दौरान ही आने लगता हैं, इसलिए हमारे शास्त्रों में गर्भ संस्कार की परम्परा हजारों सालो से ऋषि प्रदत्त प्राचीन परंपरा का मुकुट मणि जैसा विज्ञान हैं, इसके कई उदाहरण अतीत के पन्नों में अनगिनत मिलेंगे, दुनिया में हर जीवन का एक चक्र होता हैं, मनुष्य के जन्म जीवन और अंत तक 16 संस्कारों का समय के साथ एक अलग महत्व है, सनातन धर्म में हमारे ऋषि मुनियों ने  मानव जीवन को पवित्र एवं मर्यादित बनाने के लिए संस्कारो का अविष्कार किया, धार्मिक दृष्टिकोण से ही नही वैज्ञानिक तौर पर संस्कारो का बड़ा महत्व है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण गर्भ संस्कार माना गया है, महिला का गर्भवती होना आसान है लेकिन एक आदर्श माँ बनना थोड़ा मुश्किल है होने वाला बच्चा उस माँ का स्वाभिमान हैं माँ की ताकत है देश का भविष्य हैं उसके लिए केवल डॉ की सलाह लेकर कैल्सियम,मैग्नीशियम, आयरन ही नही इसके अलावा भी उसकी कोई पुकार होती हैं जिसे समय के साथ पुरा करना हमारा कर्तव्य हैं कि जितना खयाल हम उनको मेडिकल व्यवस्थाओं से देते है उतना हमें संस्कार रूपी शीतल वातावरण से भी देना चाहिए जिससे आने वाली सन्तान बल, बुद्धि, संस्कृति और संस्कार की जो चाहत है उसे उसका वट वृक्ष गर्भ में ही स्थापित हो जाए जिससे कर्म वीर, महारथी सन्तानो को मातृत्व प्रेम का प्रतीक बनायें, हमारी सबसे बड़ी पूंजी को गर्भ में ही सक्षम बनाए अतः गर्भ में पल रहे बच्चों को अपनी नियति पर न डालें  कि बच्चा जैसा होगा अपने संस्कारो से हो जाएगा उसे एक श्रेष्ठ मां का कर्तव्य निभाते हुए श्रेष्ठ सन्तान को जन्म दे।। क्रमशः।।


पढ़ते रहिए *जनयुग के प्रहरी* ब्लॉग को नए विचारों के साथ


धन्यवाद🙏🏻

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