Thursday, January 12, 2023

शिक्षा का अर्थ किताबी ज्ञान नही

 किताबी ज्ञान एवं व्यवहारिक ज्ञान दोनो का महत्व है अपनी-अपनी जगह होता है, लेकीन केवल पुस्तकों का  ज्ञान ही पर्याप्त नहीं होता है,चाहे व्यक्ति नौकरी करें या व्यवसाय अनुभवों की पराकाष्ठा हर क्षेत्र में चाहिए,  पढाई का महत्व एक सिमित क्षेत्र तक निहित होता है, लेकिन व्यवहारिक क्षेत्र का विस्तारण अपूर्ण होता है, किसी भी क्षेत्र में नौकरी करने के लिए सिमित दायरे में पढ़ाई करनी होती है जहां तक ​​उस क्षेत्र का किताबों में संकलन होता है, लेकिन किताबों के दायरे के अलावा जीवन के हर पहलुओ का अनुभव हमें व्यवहारिक ज्ञान से ही मिलता है, जिसका दायरा असीमित होता है कि विद्यालयों की शिक्षा सहायक हो सकती है  वास्तविक ज्ञान है तो हमारे आस-पास के माहौल और आत्म चिंतन से ही प्राप्त होता है हमारा श्रम ही हमें सब कुछ सिखाता है चाहे मानसिक श्रम हो या शारीरिक श्रम, हमारे प्रचन्ड पुरुषार्थ का परिणाम हमारे रास्ते तय करता है और दक्षता प्रदान करता है जिन  रास्तो को तय करने के लिए हमने परिश्रम किया होता है, किताबी ज्ञान हमें डीग्री धारी बनाता है लेकिन सफलता का सूचक तो व्यवहारिक ज्ञान ही होता हो डीग्रीयाँ हमें किसी भी क्षेत्र में नौकरियां दिलवा सकता हैं लेकिन उस नौकरी के पद का निर्वहन हमारे व्यवहारिक ज्ञान से ही सम्भव होता है जहाँ व्यवहारिक ज्ञान की कमी होती है वहां दुनियां की डिग्रीयां शुन्य हो जाती है, हमारी योग्यता से कार्य करने का निर्णय तो हम स्वयं लेते हैं,, किसी सरकारी नौकरी या प्राईवेट नौकरी करना तो उस विभाग का दायरा या अंको की श्रेष्ठतम सीमा तय करेगी लेकिन किसी पाइन्ट पर खड़े रहकर चलना शुरू करते है तो कोई सीमांकन नही होता, हजारो रास्ते होते हैं निपुणता हासिल करने के लिये, हमारी रुचि किसमें है हम कोई कार्य शुरु नही करते उससे पहले महसूस होता है ,, लेकिन हम सफलतम प्रयास में लग जाए तो जिस कार्य में सफलता मिलती है उसी में हमारी रुचि बढ़ने लगती है जब तक हम खड़े है भ्रमित है, चलना शुरु हुआ हुए तो हमारे अनुभव अपने आप रास्ते बनाते जाते है ,खड़े हुए को कोई नहीं पूछता चलते हुए के साथ कारवां खड़ा हो जाता है खड़ा वाहन पड़ा है, चलते वाहन में सैकड़ो बैठने आ जाते है । अतः मन रूपी वाहन को सही दिशा प्रदान करते हुए आगे बढ़ते रहे जीवन में किताबों के अलावा व्यवहारिक ज्ञान में अधिक सामर्थ्यवान बने।। क्रमशः ||

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