Wednesday, January 4, 2023

डॉ प्रेमदान भारतीय

 ।।रचियता: डॉ प्रेमदान चारण भारतीय।।

 

गुणवान हो धनवान हो दयावान हो चारण ।

देवी उपासक बने  तो न परेशान हो चारण ।।


 रहें जिस गाँव शहर में देश या राज्य में कहीं 

 चारण तत्व जीता चारण पहचान हो चारण ।।


   न हो गद्धार न  सांप्रदायिक चारण कभी भी 

   देव स्वभाव वाला   अच्छा इंसान हो चारण ।।


  दे लोग मिशाल जहाँ  चारण तत्व को सराहे 

  सत्य  कहने जीने में अलग पहचान हो चारण 


 हमने ही छोडी  अपनी संस्क्रति परम्पराए भी अपनी

 इस हालत पे न ज्यादा हैरान हो चारण ।।


दहेज ,टिका ,कुप्रथाए दुर्व्यसन अहंकार  छोड़े 

 देश  जाग्रति अनोखी निराली शान हो चारण ।।


 छोड़े न अपनी जाति गुण किसी भी कीमत पर ।

अन्याय असत्य के खिलाफ खड़ें  आन हो चारण ।।

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