आओ हम चारण होना सिध्द करें
भ्रमित युग को हम चारण प्रबुद्ध करें
युग के विकारों पर सच का प्रहार करें।
युग सुधारक चारणत्व का सत्कार करें।।
हर चारण स्व भूमिका पर विचार करें।
चारणत्व की खुशबू लिए व्यवहार करें।
सच की राह अपनाने को आबद्ध करें।
आओ हम चारण होना सिध्द करें।।1।।
जो भूला स्व कर्तव्य से उसको याद दिलाएं।
जो भटका सच की राह उसको राह दिखाएं।।
जिसने खोये राष्ट्रीय मूल्य उसमें ज्योत जलाएं।
सही अर्थों में क्रान्तिपुत्र हर चारण कहलाये।
युग को राह दिखाने की हम जिद करें
आओ हम चारण होना सिध्द करें।।2।।
नेता प्रजा शिक्षक सैनिक सबको राह बताए।
युवा बाल वृद्ध नर नारी में राष्ट्र भक्ति जगाएं।
उम्मीद जगाएं नई पीढ़ी में आशा दीप जलाए।
चारण कर्तव्य निभाकर हम राष्ट्र उत्थान कराएं।।
हर चारण चाणक्य सम उच्च प्रारब्ध करें।
आओ हम चारण होना सिध्द करें।।3।।
राजनीति राह भूली नेता नीति छोड़ चुके।
युवा देशभक्ति की राह अकारण मोड़ चुके।।
राष्ट्रधर्म को मूर्ख साम्प्रदायिकता से जोड़ चुके।
राष्ट्रधर्म की गर्दन को भ्रष्ट कुकर्मी मरोड़ चुके।।
देश की हो उन्नति काव्य रच नवनिद्ध करें।
आओ हम चारण होना सिध्द करें।।
डॉ प्रेमदान चारण
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