शिक्षा इतनी महंगी क्यो हैं असल में देखा जाए तो इसका मुख्य कारण महंगे लोग शिक्षा में आ गए है , हमें बच्चों को एयरकंडीशनर बस चाहिए, एयरकंडीशनर रूम चाहिए, शानदार स्कूल का भवन , बैठने के लिए सोफे वाली कुर्सी भौतिक संसाधनों के साथ अंग्रेजी शिक्षा की प्राथमिकता देना चाहते हैं हमारी सन्तानों को , शिक्षा के मूल्यों का पता नही हमें अच्छे अंक चाहिए बच्चों के प्राइवेट स्कूल के साथ एक्स्ट्रा क्लास और ट्यूशन चाहिए जन्म से ही मशीन बनाना चाहते हैं इसलिए महंगी हो रही हैं शिक्षा... क्योंकि जब हमें सभी प्रकार की व्यवस्थाओं के बीच बच्चों को शिक्षा देना चाहेंगे बच्चों को तो एक एक ईंट में लगा पैसा अभिभावकों से ही लिया जाएगा उच्च ओहदे की कल्पना करते हैं हम बच्चों के लिए उच्च संस्कारो की बात नहीं सोचते यह जरूरी नहीं है कि भौतिक साधनों के बीच शिक्षा के साथ संस्कार भी मिले औऱ यह भी जरूरी नहीं कि इतनी सुविधा न मिलने पर हमारे बच्चों में प्रतिभा नही पनपे ,,सभी महंगे विद्यालय में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों में प्रेम और करुणा का अध्याय पठन हो यह निश्चित नहीं हैं,ज्ञान का जन्म भौतिक सुख सुविधाओं में नही होता... वह तो गुरुकुल में घास के तिनको से बनी दीवारों में भी जन्म होता था जहाँ से चाणक्य, विदुर जैसे नीतिकार महर्षि वाल्मीकि, दयानन्द सरस्वती जैसे प्रगाढ़ विद्वान, वाग्भट्ट पतंजलि जैसे महान वैद्य, कर्ण अर्जुन जैसे धनुर्धर योद्धाओं ने भी उन्ही घास की दीवारों में अध्ययन किया जिनकी जीवनी आधुनिक युग की बनी एयरकंडीशनर दीवारों में बैठकर पढ़ा जा रहा है अतः महंगी शिक्षा पाना महत्वपूर्ण नही है शिक्षा में हमनें पाया क्या है यह महत्वपूर्ण पूर्ण है।।क्रमशः।।
हमारे ब्लॉग जनयुग के प्रहरी "जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रेरणा और सकारत्मक भाव के आधार पर ब्लॉग में आप जीवन के हर पहलू पर आधारित लेख पढ़ सकते हैं, जैसे कि प्रेरणा, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत विकास, जैविक खेती संबधित जानकारी और जीवन के अनुभव। हमारा उद्देश्य आपको संघर्ष के साथ आगे बढ़ना और जीवन में नई दृष्टि प्रदान करना है और आपको अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करना है।" धन्यवाद
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