दुनिया आपको सफल होने दे या न होने दे आपको उनकी सोच से नही अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कर्म क्षेत्र में कार्य करना है जीवन में उतार चढ़ाव सफलता का हिस्सा हैं वो आना चाहिए वो ही आपको सिखाएगा की आपको क्या करना है क्या नही, मन के अंदर की समझ आना चाहिए बाहर क्या हो रहा है उस पर नही जाए, कोई आपके पैर पर पैर दे रहा है या सिर पर भूल जाओ यह सिद्धांत बनाएं कि जो हमारे अंदर चल रहा है उसे हम तय करेंगे कोई और नही जब आप सफल मन से वो कार्य करेंगे तो उन उम्मीदों के सच होने की ज्यादा सम्भावना बनेगी बिना बुनियाद के सुधारे नही भागना हैं उसे पहले सुधारना चाहिए जिसकी हमें जरूरत है....कितनी भी चुनोतियाँ आए हमें अंदर से मजबूत रहना है हमें सफल होने से कोई नही रोक सकता क्योंकि सफलता का अर्थ ही यही होता हैं कि हम ग्रोथ कर रहे है सफलता हम उसे ही नहीं कहेंगे कि जिसे हम पाना चाहते है जो हमें मिले, सफलता का मतलब यह है कि कुछ वर्षों पहले हम जिस स्थिति में थे आज उससे बेहतर स्थिति है, जैसे हम कल नॉर्मल जिंदगी जी रहे थे और आज सब कुछ ठीक ठाक हैं, उसे हम सफलता कह सकते है क्योंकि हमारी अपेक्षाओं के अनुकूल हमें मिले यह कोई तय नहीं हैं हमारी अपेक्षाए कभी पूरी नही होती समय के साथ हमारी सोच बदलती जाती हैं और हम बीते हुए कल से आज बेहतर है तो भी हम सफलता की किसी दहलीज पर खड़े हैं, यह सीढियां कभी समाप्त नहीं होती हम सफल प्रयास करते हुए जीवन में आगे बढ़ते जाएंगे तो सफलता को छूते हुए कदमताल कर रहे हैं, हमारी अनन्त इच्छाओं पर नही सफल कदमों को देखते हुए उसी दिशा में चलना ही सफलता हैं, यह मानव प्रवृत्ति हैं कि हम थोड़ा कुछ मिल जाए तो हम बहुत कुछ इच्छा रखते है, हमें दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ कर्म करने की क्षमताओं को बढ़ाना चाहिए प्रकृति अपने नियमों से चलेगी पुरुषार्थ और कार्य करने के सिद्धांतों से सफलता मिलती हैं, सिद्धान्तों से समझौता नहीं करना है अपितु समय परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए बदलाव करने से बड़ा बदलाव आता हैं, कल्पनाओं के पहाड़ मन में गढ़ने से कुछ नहीं होता समय की मांग पूरी करना होता हैं जहाँ हमें सफलता का शिक्षक ले जाये मार्ग प्रसस्त होते रहने से मौलिक कार्य होता रहता हैं अतः मनोवैज्ञानिकी सफल सोच रखे सफलता का अर्थ समझ आएगा सदैव सफल प्रयास होंगे , आप खुश रहेंगे।।
क्रमशः पढ़ते रहे
ब्लॉग #जनयुग के प्रहरी
No comments:
Post a Comment